2 लाख में मासूम का सौदा! कासना में बच्चे के अपहरण की खौफनाक साजिश, पुलिस मुठभेड़ में 3 आरोपी घायल

Noida News: गौतम बुद्ध नगर की पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह की अगुवाई नोएडा और ग्रेटर पुलिस लगातार अपराधियों पर शिकंजा कस रही है, इसी कड़ी में आज ग्रेटर नोएडा की पुलिस ने ऐसे बदमाशों को पकड़ा है जो 2 लाख में एक मासूम का सौदा करने निकले थे लेकिन ग्रेटर नोएडा की पुलिस ने इस आरोपियों के इस नापाक मंसूबों पर पानी फेर दिया, सोचिए एक छह साल का मासूम बच्चा, जो घर के बाहर खेल रहा था। उसे क्या पता था कि जिन लोगों के बीच वह मौजूद है, उनमें से कोई उसे उसके परिवार से हमेशा के लिए दूर करने की साजिश रच रहा है! खेलते-खेलते बच्चा गायब हुआ… परिवार की सांसें थम गईं, और फिर सामने आई एक ऐसी कहानी, जिसमें कथित तौर पर बच्चे का अपहरण किया गया, उसे दूसरे शहर ले जाया गया और उसके बदले लाखों रुपये का सौदा हुआ।लेकिन अपहरण करने वालों को शायद अंदाजा नहीं था कि पुलिस उनकी तलाश में जुटी है और उनकी कहानी का अगला अध्याय गोलियों की आवाज के बीच लिखा जाएगा।

कासना पुलिस ने सात आरोपियोम का किया गिरफ्तार

ग्रेटर नोएडा के कासना थाना क्षेत्र से सामने आई इस घटना में पुलिस ने सात आरोपियों को गिरफ्तार करने की जानकारी दी है। इनमें तीन आरोपी पुलिस मुठभेड़ के दौरान घायल हुए। पुलिस के मुताबिक, अपहृत बच्चे को भी सकुशल बरामद कर लिया गया है।आखिर छह साल के बच्चे को अगवा करने की साजिश किसने रची? इस मामले में रिश्तेदारों का नाम कैसे सामने आया? और ₹2 लाख के कथित सौदे के पीछे की पूरी कहानी क्या है?

शुरू से समझते हैं वारदात की पूरी कहानी।

कहानी शुरू होती है 13 अक्टूबर 2026 की शाम से।कासना थाना क्षेत्र में रहने वाला करीब छह साल का बच्चा घर से खेलते-खेलते कहीं चला गया। लेकिन जब वह वापस नहीं लौटा, तो परिवार की चिंता बढ़ने लगी।हर गुजरते पल के साथ बेचैनी बढ़ती गई। घरवालों को समझ नहीं आ रहा था कि आखिर उनका बच्चा कहां चला गया।14 अक्टूबर को बच्चे के परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मामले में अपहरण से संबंधित मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।अब पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती थी—बच्चे को जल्द से जल्द ढूंढना और यह पता लगाना कि वह कहां है।जांच आगे बढ़ी और पुलिस के मुताबिक, इस मामले में कुछ ऐसे लोगों के नाम सामने आए, जिन्होंने कथित तौर पर बच्चे को अगवा करने की योजना बनाई थी।पुलिस की पूछताछ में जो कहानी सामने आई, उसने इस मामले को और गंभीर बना दिया।

एक महिला बच्चा खरीदना चाहती थी

पुलिस के अनुसार, आरोपी सुमित कुमार ने बताया कि उसकी मामी पुष्पा ने उसे एक महिला कमलेश के बारे में बताया था। आरोप है कि कमलेश एक नाबालिग बच्चा लेने के बदले रुपये देने को तैयार थी।पुलिस के मुताबिक, इसके बाद कथित तौर पर बच्चे के अपहरण की योजना बनाई गई।जांच में सामने आए आरोपों के अनुसार, सुमित ने अपने साथियों अंकित, नकुल और गुरमीत को इस साजिश में शामिल किया। पुलिस का दावा है कि 13 अक्टूबर की शाम अंकित और नकुल ने काशीराम अस्पताल के सामने से बच्चे को अगवा किया।इसके बाद बच्चे को एक कार से गाजियाबाद ले जाने की बात सामने आई।जरा सोचिए जिस उम्र में बच्चे को अपने परिवार के साथ सुरक्षित रहना चाहिए, उसी उम्र में उसे कथित तौर पर पैसों के सौदे का हिस्सा बना दिया गया।हालांकि, इस मामले में आरोपियों के बयानों और पूरे घटनाक्रम की पुष्टि अदालत में साक्ष्यों के आधार पर होगी।

कहानी का सबसे चौंकाने वाला पहलू पैसों का कथित लेन-देन

नोएडा पुलिस के मुताबिक आरोपी अंकित ने पूछताछ में बताया कि बच्चे को सौंपने के बदले उन्हें कुल दो लाख रुपये मिले थे, जबकि ढाई लाख रुपये बाद में मिलने थे।यानी पुलिस के अनुसार, इस कथित सौदे की कुल रकम साढ़े चार लाख रुपये बताई गई, लेकिन यहां सवाल सिर्फ पैसों का नहीं है।सवाल यह है कि एक मासूम बच्चे को कथित तौर पर खरीदने-बेचने की योजना किस तरह बनाई गई? इस साजिश में किसकी क्या भूमिका थी? और क्या जांच में इससे जुड़े दूसरे तथ्य भी सामने आएंगे? इन सवालों के जवाब पुलिस की आगे की जांच और अदालत में पेश होने वाले साक्ष्यों से ही स्पष्ट होंगे।

गुप्त सूचना मिलने पर पुलिस का कार्यवाई!

दरसल 17 अक्टूबर 2026। पुलिस को गोपनीय सूचना मिली कि कुछ संदिग्ध लोग ग्राम डाढ़ा के पास बच्चे के अपहरण की घटना को अंजाम देने की फिराक में घूम रहे हैं।पुलिस ने डाढ़ा गोलचक्कर के पास चेकिंग शुरू की।इसी दौरान सामने से एक संदिग्ध कार आती दिखाई दी। पुलिस ने कार को रुकने का इशारा किया, लेकिन पुलिस के मुताबिक, कार सवार रुकने के बजाय तेजी से भागने लगे।पुलिस टीम ने पीछा किया। भागती हुई कार पेड़ से टकराकर रुक गई।इसके बाद पुलिस के अनुसार, कार सवार लोगों ने पुलिस टीम पर फायरिंग की और भागने की कोशिश की। जवाबी कार्रवाई में तीन आरोपी पैर में गोली लगने से घायल हो गए।घायल आरोपियों की पहचान गुरमीत सिंह, सुमित कुमार और अंकित कुमार के रूप में बताई गई।पुलिस ने मौके से तीन अवैध तमंचे, तीन खोखा कारतूस, तीन जिंदा कारतूस, नकदी और घटना में इस्तेमाल की गई कार बरामद करने की जानकारी दी है।लेकिन पुलिस की कार्रवाई यहीं खत्म नहीं हुई।पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर विकास और नकुल को भी पकड़ा गया। उनके पास से कथित तौर पर घटना में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल और नकदी बरामद हुई।इसके बाद पुलिस ने पुष्पा और कमलेश को गिरफ्तार किया। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इन्हीं दोनों महिलाओं से संबंधित कार्रवाई के दौरान अपहृत बच्चे को बरामद किया गया।

पुलिस ने कुल सात आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी दी है

पुलिस के मुताबिक, बरामदगी में बच्चे के अलावा औरा कार, मोटरसाइकिल, नकदी और तीन अवैध तमंचे शामिल हैं।इस मामले में एक राहत की बात यह है कि पुलिस ने बच्चे की बरामदगी की जानकारी दी है। अब जांच में यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि कथित साजिश की पूरी रूपरेखा क्या थी और प्रत्येक आरोपी की भूमिका कितनी थी।दोस्तों, छह साल की उम्र में बच्चे को दुनिया की चालाकियों का अंदाजा नहीं होता। उसके लिए घर, परिवार और खेल ही पूरी दुनिया होते हैं।लेकिन जब किसी मासूम की सुरक्षा को कथित तौर पर पैसों के सौदे से जोड़ दिया जाए, तो यह सिर्फ एक परिवार की चिंता नहीं रह जाती, यह समाज और कानून-व्यवस्था के सामने भी एक गंभीर सवाल बन जाता है।कासना पुलिस के मुताबिक, इस मामले में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और बच्चे को बरामद कर लिया गया है। तीन आरोपी पुलिस मुठभेड़ में घायल हुए हैं।अब आगे की जांच यह स्पष्ट करेगी कि इस कथित साजिश में किसकी क्या भूमिका थी और अदालत में कौन से आरोप साक्ष्यों से साबित होते हैं।फिलहाल, इस पूरी कहानी में सबसे अहम बात यही है—एक परिवार को अपने बच्चे के वापस मिलने की उम्मीद और राहत मिली है।

समाप्त….

Gaurav Saksena

गौरव सक्सेना बीडीएफ न्यूज में सिनीयर डिजिटल कंटेंट राइटर हैं। और पिछले 10 साल से पत्रकारिता कर रहें है, साल 2016 में इन्होंने हिंदुस्थान समाचार से बतौर कॉपी एडिटर के तौर पर अपने कैरियर की शुरुवात की और फिर कई न्यूज पेपर में लिखते रहे, नैड्रिक न्यूज में इनकी एक स्टोरी बहुत चर्चा में रही जिसमें रिक्शे पर जिंदगी पर आधारित सोशल खबर लिखी थी, इंटरनेशनल और राजनीति की खबरों में इनकी खास पकड़ है।

Related Posts

“बदबू आ रही थी, लेकिन ड्राइवर ने बस नहीं रोकी”—एक्सप्रेसवे पर ‘जलती हुई बस’ के डरावने मंज़र को एक यात्री ने बयां किया

दिल्ली से महोबा जा रही एक स्लीपर बस में आग लगने से नौ यात्रियों की मौत हो गई। ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेसवे पर आग लगने से पहले यात्रियों को…

FDRC क्या है और गौतमबुद्धनगर पुलिस ने अब तक कितने परिवारों को टूटने से बचाया!

FDRC NOIDA POLICE : गौतमबुद्ध नगर की पुलिस कमिश्नर लत्र्मी सिंह जी ने कल ग्रेटर नोएडा के शारदा यूनिवर्सिटी में एफडीआरसी यानी (फैमिली डिस्प्यूट रिजॉल्यूशन क्लीनिक) की 6ठी वर्षगांठ मनाई,…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *