रेल मंत्री अश्वनी वैश्नव का ऐलान अब चलती ट्रेनों में हर 1-2 घंटे में होगी कोच की सफाई,पहले फेज में 80 ट्रेनों में मिलेगी सुविधा

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने देश की रेल व्यवस्था को और आधुनिक, स्वच्छ तथा यात्री-अनुकूल बनाने के उद्देश्य से भारतीय रेल में 52 हफ्तों के भीतर 52 बड़े सुधार लागू करने की महत्वाकांक्षी योजना की घोषणा की है। यह पहल केवल एक प्रशासनिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि देश के सबसे बड़े सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क को नए स्तर पर ले जाने की व्यापक रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है।भारतीय रेल विश्व के सबसे बड़े रेल नेटवर्क में से एक है और प्रतिदिन करोड़ों लोग इसकी सेवाओं का उपयोग करते हैं। ऐसे में साफ-सफाई, समयबद्धता, तकनीकी रखरखाव, कोच सुविधाओं और यात्रियों की संतुष्टि जैसे मुद्दे लंबे समय से चर्चा का विषय रहे हैं। नई सुधार योजना का उद्देश्य इन्हीं चुनौतियों को व्यवस्थित ढंग से हल करना है, ताकि यात्रियों को यात्रा के दौरान बेहतर अनुभव मिल सके।

सुधार अभियान की शुरुआत सफाई व्यवस्था से

घोषित योजना के पहले चरण में रेलवे ने ट्रेनों की साफ-सफाई व्यवस्था को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया है। अक्सर यात्रियों की शिकायत रही है कि लंबी दूरी की ट्रेनों में सफाई व्यवस्था यात्रा के शुरुआती चरण में ठीक रहती है, लेकिन अंतिम स्टेशनों तक पहुंचते-पहुंचते कोचों की स्थिति खराब हो जाती है।इसी समस्या को दूर करने के लिए अब नई व्यवस्था लागू की जा रही है जिसमें ट्रेन के शुरुआती स्टेशन से लेकर अंतिम स्टेशन तक सफाई की निगरानी और संचालन लगातार जारी रहेगा। इससे यात्रियों को पूरे सफर के दौरान समान स्तर की स्वच्छता मिलेगी।

80 ट्रेनों पर पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत

इस योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए पहले चरण में 80 ट्रेनों का चयन पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर किया गया है। इन ट्रेनों का चयन इस आधार पर किया गया है कि वे लंबी दूरी की अधिक यात्रियों वाली तथा विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों को जोड़ने वाली प्रमुख ट्रेनें हैं।प्रत्येक रेलवे जोन से लगभग 4 से 5 प्रमुख ट्रेनों को इस पायलट योजना में शामिल किया गया है ताकि अलग-अलग क्षेत्रों की चुनौतियों और जरूरतों को समझते हुए सुधार लागू किए जा सकें। इससे भविष्य में पूरे नेटवर्क पर व्यवस्था लागू करना आसान होगा।

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छह महीनों में दिखने लगेंगे परिणाम

रेल मंत्रालय अश्विनी वैष्णव ने कहा कि अगले छह महीनों के भीतर यात्रियों को साफ-सफाई और सेवा गुणवत्ता में स्पष्ट बदलाव दिखाई देने लगेगा। रेलवे का लक्ष्य है कि यात्री स्वयं बदलाव को महसूस करें और फीडबैक के आधार पर व्यवस्था को और बेहतर बनाया जाए।सफाई व्यवस्था को केवल कागजों तक सीमित न रखकर वास्तविक समय में लागू किया जाएगा। निरीक्षण, डिजिटल मॉनिटरिंग और शिकायत निवारण प्रणाली को भी मजबूत किया जा रहा है।

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जनरल कोच भी होंगे साफ

लंबे समय से यह शिकायत रही है कि जनरल कोचों में सफाई व्यवस्था रिजर्व कोचों की तुलना में कमजोर रहती है। नई योजना के तहत यह अंतर समाप्त करने की कोशिश की जा रही है।अब जनरल कोचों में भी नियमित सफाई, कचरा हटाने और शौचालयों की साफ-सफाई सुनिश्चित की जाएगी। इसका सीधा लाभ उन यात्रियों को मिलेगा जो बिना आरक्षण के यात्रा करते हैं और जिनकी संख्या काफी अधिक होती है।

पूरे रूट पर जारी रहेगी सफाई

नई व्यवस्था के अनुसार सफाई केवल शुरुआती स्टेशन या अंतिम स्टेशन पर ही नहीं होगी, बल्कि यात्रा के दौरान भी सफाई टीम सक्रिय रहेगी। ट्रेन जिस रूट से गुजरेगी, वहां निर्धारित स्टेशनों पर सफाई टीम ट्रेन में चढ़ेगी और सफाई का काम करेगी।इससे लंबी दूरी की यात्राओं के दौरान कोचों की स्थिति बेहतर बनी रहेगी और यात्रियों को लगातार स्वच्छ वातावरण मिलेगा।

सक्षम एजेंसियों को मिलेगी जिम्मेदारी

रेल मंत्री ने स्पष्ट किया है कि सफाई और रखरखाव के कार्य के लिए अनुभवी और सक्षम एजेंसियों का चयन किया जाएगा। इन एजेंसियों को स्पष्ट जिम्मेदारी और प्रदर्शन के आधार पर मूल्यांकन का प्रावधान होगा।एजेंसियों का चयन केवल लागत के आधार पर नहीं बल्कि गुणवत्ता और कार्य क्षमता के आधार पर भी किया जाएगा, जिससे सेवाओं का स्तर सुधर सके।

शिकायत पर लगेगा दंड

नई योजना में जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए दंड का प्रावधान भी रखा गया है। यदि यात्रियों से सफाई या रखरखाव को लेकर शिकायत प्राप्त होती है और जांच में एजेंसी की लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित कॉन्ट्रैक्ट एजेंसी पर आर्थिक दंड लगाया जाएगा।इससे एजेंसियां अपने काम को गंभीरता से लेंगी और सेवा गुणवत्ता को बेहतर बनाए रखने का प्रयास करेंगी।

रूट के अनुसार सफाई टीम की तैनाती

हर रूट की अपनी अलग चुनौतियां होती हैं। कहीं लंबी दूरी की यात्रा होती है तो कहीं छोटे स्टेशनों पर अधिक भीड़ होती है। इसे ध्यान में रखते हुए रूट आधारित सफाई टीम की तैनाती की जा रही है।इस व्यवस्था में अलग-अलग स्टेशनों पर तैनात टीमें ट्रेन के पहुंचते ही कोचों की सफाई करेंगी, कचरा हटाएंगी और शौचालयों की स्थिति को सुधारेंगी।

तीन वर्षों में पूरे नेटवर्क पर लागू होगी योजना

रेल मंत्री के अनुसार यह सुधार योजना चरणबद्ध तरीके से लागू होगी और अगले तीन वर्षों में पूरे भारतीय रेल नेटवर्क को इस नई प्रणाली के अंतर्गत लाया जाएगा।इस दौरान अनुभव और फीडबैक के आधार पर सुधारों को और मजबूत किया जाएगा ताकि दीर्घकालिक समाधान विकसित किया जा सके।

एक ही कॉन्ट्रैक्ट में कई सेवाएं

नई व्यवस्था के तहत कोच की सफाई, शौचालय रखरखाव, बेडरोल (चादर-कंबल) की व्यवस्था और छोटे तकनीकी कार्यों को एक ही कॉन्ट्रैक्ट में शामिल किया जा रहा है।पहले अलग-अलग सेवाओं के लिए अलग अनुबंध होते थे, जिससे समन्वय में कठिनाई आती थी और यात्रियों को समस्याओं का सामना करना पड़ता था। अब एकीकृत अनुबंध व्यवस्था से कामकाज अधिक सुचारु होने की उम्मीद है।

डेढ़ घंटे के अंतराल पर सफाई

नई व्यवस्था के तहत कोचों की सफाई निर्धारित समय अंतराल पर की जाएगी। योजना के अनुसार हर लगभग डेढ़ घंटे में कोचों की स्थिति की जांच और आवश्यक सफाई सुनिश्चित की जाएगी।इसके लिए निर्धारित सफाईकर्मी ट्रेन में मौजूद रहेंगे, जिससे यात्रियों को बार-बार शिकायत दर्ज कराने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

यात्रियों के अनुभव में सुधार की उम्मीद

इस सुधार योजना से यात्रियों के यात्रा अनुभव में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है। स्वच्छ कोच, बेहतर शौचालय, समय पर सफाई और त्वरित समस्या समाधान से रेलवे की छवि भी बेहतर होगी।पर्यटन, व्यापार और रोजमर्रा की यात्रा करने वाले लोगों के लिए यह पहल विशेष रूप से लाभकारी साबित हो सकती है।

डिजिटल निगरानी और फीडबैक सिस्टम

नई योजना में डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम को भी मजबूत किया जा रहा है। यात्री मोबाइल ऐप या हेल्पलाइन के माध्यम से शिकायत दर्ज कर सकेंगे और संबंधित टीम को तुरंत सूचना भेजी जाएगी।इससे शिकायतों का निपटारा तेज होगा और व्यवस्था की पारदर्शिता बढ़ेगी।

रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे

इस अभियान के कारण सफाई, रखरखाव और तकनीकी कार्यों से जुड़े रोजगार के अवसर भी बढ़ने की संभावना है। विभिन्न एजेंसियों के माध्यम से बड़ी संख्या में कर्मचारियों की नियुक्ति हो सकती है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को भी बढ़ावा मिलेगा।

रेलवे की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा

रेलवे अधिकारियों का मानना है कि यह अभियान केवल सफाई सुधार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आगे चलकर यात्री सुविधाओं, तकनीकी उन्नयन, समयबद्धता और सुरक्षा से जुड़े सुधार भी शामिल किए जाएंगे।रेलवे आने वाले वर्षों में आधुनिक तकनीक, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल सेवाओं के माध्यम से अपने नेटवर्क को और मजबूत बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है।

यात्रियों की भूमिका भी महत्वपूर्ण

रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से भी अपील की है कि वे कोचों में साफ-सफाई बनाए रखने में सहयोग करें। कचरा निर्धारित स्थान पर डालें और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान न पहुंचाएं।यात्रियों और प्रशासन के संयुक्त प्रयास से ही स्वच्छ और सुरक्षित यात्रा संभव हो सकती है।रेल मंत्री द्वारा घोषित 52 सप्ताह में 52 सुधारों की यह पहल भारतीय रेल के इतिहास में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। सफाई व्यवस्था से शुरुआत करते हुए रेलवे यात्रियों को बेहतर सेवाएं प्रदान करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।यदि यह योजना निर्धारित समय में सफलतापूर्वक लागू हो जाती है, तो आने वाले वर्षों में रेल यात्रा का अनुभव अधिक आरामदायक, स्वच्छ और संतोषजनक हो सकता है। इससे न केवल यात्रियों को लाभ होगा, बल्कि देश के परिवहन तंत्र की छवि भी वैश्विक स्तर पर मजबूत होगी।

Tripti Panday

तृप्ती पान्डेय बीडीएफ न्यूज में सिनीयर डिजिटल कंटेंट राइटर हैं। और पिछले 5 साल से पत्रकारिता कर रहीं है, इन्होंने इससे पहले कई न्यूज पेपर जैसे अमर उजाला, दैनिक जागरण,लोकल वोकल, जैसी प्रमुख न्यूज वेबसाइट्स और ऐप्स में काम किया है। राजनीति की खबरों में इनकी खास पकड़ है।

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