सुप्रीम कोर्ट का BCI को निर्देश: स्टेट बार काउंसिल में महिलाओं के लिए 10% को-ऑप्शन का नियम

मंगलवार को, सुप्रीम कोर्ट ने स्टेट बार काउंसिल में महिलाओं के लिए 10 प्रतिशत को-ऑप्शन कोटा के लिए एक समान, पारदर्शी और निष्पक्ष तरीका बनाने के BCI के प्रस्ताव को मंज़ूरी दे दी। कोर्ट ने माना कि BCI का सुझाव काफी उचित था। जस्टिस सूर्य कांत और जस्टिस वी. मोहनन की बेंच ने गौर किया कि ज़्यादातर स्टेट बार काउंसिल के चुनाव या तो पूरे हो चुके थे या पूरे होने वाले थे।

कार्यवाही में एकमात्र बचा हुआ मुद्दा यह था कि को-ऑप्शन के ज़रिए महिलाओं के लिए तय अतिरिक्त 10 प्रतिशत सीटें कैसे भरी जाएं। सुनवाई के दौरान, BCI ने कोर्ट को बताया कि उसने को-ऑप्शन के लिए नियम बना लिए हैं और उन्हें कोर्ट के सामने पेश करने के लिए तैयार है।

पहले के निर्देशों में महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत प्रतिनिधित्व की बात कही गई थी

बेंच ने याद दिलाया कि उसके पिछले निर्देशों में महिला वकीलों के लिए 30 प्रतिशत प्रतिनिधित्व की बात कही गई थी—जिसमें 20 प्रतिशत चुनाव के ज़रिए और 10 प्रतिशत को-ऑप्शन के ज़रिए शामिल थे। आखिरकार, कोर्ट ने BCI का प्रतिनिधित्व कर रहीं वकील राधिका गौतम को स्टेट बार काउंसिल के नवनिर्वाचित सदस्यों और अन्य संबंधित हितधारकों के साथ सलाह-मशविरा करके एक समान को-ऑप्शन प्रक्रिया तैयार करने के लिए अधिकृत किया।

CJI ने केंद्र शासित प्रदेशों से जुड़ी चिंताओं पर बात की

मंगलवार की सुनवाई के दौरान, सीनियर वकील मीनाक्षी अरोड़ा ने छोटे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से जुड़ी चिंताएं उठाईं। गोवा का ज़िक्र करते हुए, उन्होंने बताया कि लगभग 4,000 सदस्यों वाली बार एसोसिएशन होने के बावजूद, राज्य अक्सर महाराष्ट्र और गोवा बार काउंसिल में प्रतिनिधित्व हासिल करने में विफल रहता है।

उन्होंने कहा कि दमन और दीव और कई पूर्वोत्तर राज्यों में भी ऐसी ही समस्याएं आती हैं

CJI ने इस चिंता को स्वीकार किया और माना कि ये वास्तविक मुद्दे हैं। जब अरोड़ा ने अनुरोध किया कि को-ऑप्शन प्रक्रिया तैयार करते समय राज्य-विशिष्ट कारकों पर विचार किया जाए, तो बेंच ने संकेत दिया कि BCI ऐसे विशिष्ट मामलों पर स्टेट बार काउंसिल से सलाह-मशविरा कर सकता है।

Tripti Panday

तृप्ती पान्डेय बीडीएफ न्यूज में सिनीयर डिजिटल कंटेंट राइटर हैं। और पिछले 5 साल से पत्रकारिता कर रहीं है, इन्होंने इससे पहले कई न्यूज पेपर जैसे अमर उजाला, दैनिक जागरण,लोकल वोकल, जैसी प्रमुख न्यूज वेबसाइट्स और ऐप्स में काम किया है। राजनीति की खबरों में इनकी खास पकड़ है।

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