कौन हैं डॉ. निशा वर्मा कौन हैं, जिनसे अमेरिकी सीनेटर ने 5 मिनट में 11 बार पूछा: “क्या पुरुष प्रेग्नेंट हो सकते हैं?”

भारतीय मूल की डॉक्टर निशा वर्मा आजकल काफी चर्चा में हैं। एक महत्वपूर्ण अमेरिकी सीनेट की सुनवाई के दौरान सवाल पूछे जाने के बाद वह सुर्खियों में हैं। यह सुनवाई अमेरिकी सीनेट की स्वास्थ्य, शिक्षा, श्रम और पेंशन (HELP) समिति में हुई। सुनवाई का विषय गर्भपात की गोलियों की सुरक्षा था। इस दौरान, रिपब्लिकन सीनेटर जोश हॉले ने डॉ. निशा वर्मा से बार-बार पूछा कि क्या पुरुष प्रेग्नेंट हो सकते हैं? डॉ. वर्मा ने सीधा हां या ना में जवाब देने से इनकार कर दिया।


डॉ. वर्मा ने कहा कि उन्हें सवाल का मकसद पूरी तरह समझ नहीं आया। वह ऐसे मरीजों का इलाज करती हैं जो खुद को महिला नहीं मानते, और ऐसे हां या ना वाले सवाल अक्सर राजनीतिक हथियार बन जाते हैं। यह बातचीत सोशल मीडिया पर वायरल हो गई, और इसके बाद, अमेरिका में जेंडर पहचान, प्रजनन अधिकारों और स्वास्थ्य नीति पर बहस तेज हो गई।

डॉ. निशा वर्मा कौन हैं?
डॉ. निशा वर्मा एक बोर्ड-सर्टिफाइड प्रसूति-स्त्री रोग विशेषज्ञ और जटिल परिवार नियोजन में विशेषज्ञ हैं। उनका जन्म ग्रीन्सबोरो, नॉर्थ कैरोलिना में हुआ था। उनके माता-पिता भारत से अमेरिका आए थे।

उन्होंने नॉर्थ कैरोलिना यूनिवर्सिटी से बायोलॉजी और एंथ्रोपोलॉजी में डिग्री हासिल की और वहीं से मेडिकल डिग्री भी प्राप्त की। इसके बाद, उन्होंने एमोरी यूनिवर्सिटी से पब्लिक हेल्थ (MPH) में मास्टर डिग्री हासिल की। डॉ. वर्मा ने बेथ इज़राइल डेकोनेस मेडिकल सेंटर में अपनी स्त्री रोग ट्रेनिंग पूरी की। इसके बाद, उन्होंने एमोरी यूनिवर्सिटी में जटिल परिवार नियोजन फेलोशिप पूरी की।

एमोरी यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर

वर्तमान में, निशा एमोरी यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन में एडजंक्ट असिस्टेंट प्रोफेसर हैं। वह अमेरिकन कॉलेज ऑफ़ ऑब्स्टेट्रिशियन एंड गायनेकोलॉजिस्ट (ACOG) में रिप्रोडक्टिव हेल्थ पॉलिसी और एडवोकेसी के लिए सीनियर एडवाइजर के तौर पर भी काम करती हैं।

डॉ. निशा वर्मा जॉर्जिया और मैरीलैंड में रिप्रोडक्टिव हेल्थकेयर सर्विस देती हैं। उन्होंने गर्भपात से जुड़े कानूनों पर अमेरिकी कांग्रेस के सामने गवाही दी है। वह जॉर्जिया के छह-हफ़्ते के गर्भपात बैन के गंभीर प्रेग्नेंसी पर पड़ने वाले असर पर भी रिसर्च कर रही हैं।

सारांश
अमेरिकी सीनेट की सुनवाई के दौरान भारतीय मूल की डॉक्टर निशा वर्मा और रिपब्लिकन सीनेटर जोश हॉले के बीच हुई बहस ने इंटरनेट पर हलचल मचा दी है। गर्भपात की गोलियों की सुरक्षा पर सुनवाई के दौरान “क्या पुरुष प्रेग्नेंट हो सकते हैं?” सवाल ने राजनीति और विज्ञान पर एक बहस छेड़ दी है।

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