सोमवार तड़के बैंकॉक के उत्तरी हिस्से में स्थित एक पब में अचानक भीषण आग लग गई। इस भयानक घटना में कम से कम 27 लोगों की जान चली गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। फायरफाइटर्स ने पब के पिछले हिस्से में बने रेस्ट रूम से कई शव बरामद किए।
बचाव दल ने बताया कि पीड़ित आग से बचने के लिए रेस्ट रूम की ओर भागे थे, लेकिन बाहर निकलने का रास्ता न मिलने के कारण उनकी मौत हो गई।
कुछ दिन पहले उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक कोचिंग सेंटर में भी ऐसी ही घटना हुई थी; वहां भी लोग आग से बचने के लिए सेंटर के पिछले हिस्से की ओर भागे थे, लेकिन बाहर निकलने का रास्ता न होने के कारण उनकी मौत हो गई। उस त्रासदी में 15 लोगों की जान चली गई थी।
फायरफाइटर्स ने बताया कि उन्हें आधी रात के आसपास पब में आग लगने की सूचना मिली थी। घटनास्थल पर मौजूद इमरजेंसी कर्मियों द्वारा ऑनलाइन शेयर किए गए फुटेज में थाई राजधानी के उत्तरी हिस्से में स्थित ‘ना लाडप्राओ’ पब के सामने के दरवाज़े से आग की लपटें और धुआं निकलता दिख रहा है। आसमान में घना काला धुआं उठते ही लोगों को इलाके से भागने की कोशिश करते देखा जा सकता है।
स्टेज के पास सर्किट ब्रेकर की समस्या
घटना के समय पब में मौजूद एक म्यूज़िशियन ने बताया कि उसने स्टेज के पास लगे सर्किट ब्रेकर से अचानक धुआं निकलते देखा था। इसके तुरंत बाद पब की बिजली पूरी तरह चली गई और ज़ोरदार धमाके की आवाज़ सुनाई दी। धमाके के बाद पब तेज़ी से घने काले धुएं से भर गया, जिससे लोगों को भागने का कोई मौका नहीं मिला। ऑनलाइन शेयर किए गए वीडियो में लोगों को अपनी जान बचाने की बेताब कोशिश में पब के मुख्य दरवाज़े से भागते हुए देखा जा सकता है।
पुरानी त्रासदियां
गौरतलब है कि नाइटक्लब और पब में सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण थाईलैंड में अतीत में भी ऐसी कई बड़ी त्रासदियां हो चुकी हैं। 2022 में देश के पूर्वी इलाके में एक म्यूज़िक पब में लगी आग में 14 लोगों की जान चली गई थी। इससे पहले, 1 जनवरी 2009 को बैंकॉक के सांटिका नाइटक्लब में नए साल के जश्न के दौरान घर के अंदर आतिशबाजी से लगी आग में 66 लोगों की मौत हो गई थी और 200 से ज़्यादा लोग घायल हो गए थे।






