हूथियों ने दी धमकी; एक तरफ ईरान और दूसरी तरफ अमेरिका और इज़राइल के बीच चल रहा संघर्ष एक ऐसे नाजुक मोड़ पर पहुँच गया है, जहाँ पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था दांव पर लगी है। ऐसी खबरों के बीच कि खाड़ी क्षेत्र में ‘होरमुज़ जलडमरूमध्य’ पहले ही बंद कर दिया गया है, यमन में हूती विद्रोहियों ने अब ‘बाब अल-मंडेब’ जलडमरूमध्य को भी बंद करने की धमकी दी है।
जैसे ही संघर्ष अपने तीसरे सप्ताह में प्रवेश कर रहा है, यमन स्थित हूती विद्रोहियों ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। ईरान समर्थित इस उग्रवादी समूह ने कहा है कि वे किसी भी क्षण जवाबी हमले करने के लिए तैयार हैं।
हूती नेता अब्दुल-मलिक अल-हूती ने घोषणा की कि उनकी सेनाओं की “उंगलियाँ ट्रिगर पर हैं” और यदि संघर्ष बढ़ता है तो वे हस्तक्षेप करेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम ईरान की “तीन-चरण वाली रणनीति” का हिस्सा है।
ये तीन चरण क्या हैं?
पहले चरण में होरमुज़ जलडमरूमध्य को बंद करना शामिल है—एक ऐसा कदम जिसे कथित तौर पर पहले ही अंजाम दिया जा चुका है। दूसरे चरण में लेबनानी और गाज़ा मोर्चों पर इज़राइल के साथ संघर्ष करना शामिल है, जबकि तीसरे चरण में हूथियों के माध्यम से बाब अल-मंडेब को बंद करना शामिल है।
बाब अल-मंडेब महत्वपूर्ण क्यों है?
बाब अल-मंडेब—जिसका अर्थ है “आंसुओं का द्वार”—दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है। यह यमन को जिबूती और इरिट्रिया (जो अफ्रीका के हॉर्न क्षेत्र में स्थित हैं) से अलग करता है। यह लाल सागर को अदन की खाड़ी और हिंद महासागर से जोड़ता है। स्वेज़ नहर के रास्ते एशिया और यूरोप के बीच व्यापार करने वाला हर जहाज़ इस 29 किलोमीटर चौड़े जलडमरूमध्य से होकर गुज़रता है। दुनिया का 30% समुद्री तेल बाब अल-मंडेब से होकर गुज़रता है
दुनिया का लगभग 30% समुद्री तेल इन्हीं दो मार्गों से होकर गुज़रता है। अकेले बाब अल-मंडेब से प्रतिदिन 8.8 मिलियन बैरल तेल गुज़रता है। कच्चे तेल की कीमतें—जो पहले से ही $100 के निशान के करीब मंडरा रही हैं—नियंत्रण से बाहर हो सकती हैं। एशिया से यूरोप जाने वाले इलेक्ट्रॉनिक्स, मशीनरी और अनाज की सप्लाई रुक जाएगी।
इज़राइल की नई चाल
इस तनाव के बीच, इज़राइल ने भी अपनी रणनीति बदल ली है। इज़राइल ने सोमालीलैंड (सोमालिया से अलग हुआ एक इलाका) को मान्यता दे दी है और वहाँ एक मिलिट्री बेस बनाने की योजना बना रहा है। इसका मकसद हौथियों पर सीधे नज़र रखना और लाल सागर में अपनी स्थिति को मज़बूत करना है। नतीजतन, अब यह खतरा मंडरा रहा है कि इस संघर्ष का दायरा बढ़कर अफ्रीका तक फैल सकता है।
इतिहास के सबसे बड़े समुद्री संकट की आशंका
ईरान का “प्रतिरोध का ध्रुव”—जिसमें हमास, हिज़्बुल्लाह और हौथी शामिल हैं—अब मिलकर सक्रिय होता दिख रहा है। अगर बाब अल-मंडेब को ब्लॉक कर दिया गया, तो दुनिया को आधुनिक इतिहास के सबसे गंभीर समुद्री संकट का सामना करना पड़ सकता है।
निष्कर्ष
होरमुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की स्थिति के बाद, यमन में हूती विद्रोहियों ने अब बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य को भी बंद करने की धमकी दी है। अगर ऐसा होता है, तो वैश्विक समुद्री व्यापार और तेल की आपूर्ति बुरी तरह से बाधित हो सकती है।






