Holika Dahan 2026: होलिका दहन कब होगा, आज या कल?

Holika Dahan 2026: इस साल होलिका दहन की तारीख को लेकर काफी कंफ्यूजन है। कुछ लोग कहते हैं कि 2 मार्च यानी आज होलिका जलाना सही रहेगा, जबकि कुछ लोग कहते हैं कि यह 3 मार्च को होगा। ज्योतिषियों के अनुसार, फाल्गुन महीने के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि आज यानी 2 मार्च को शाम 5:57 बजे तक रहेगी। इसके बाद पूर्णिमा तिथि शुरू होगी, जो प्रदोष काल में प्रवेश करेगी। तो, आइए जानते हैं कि होलिका जलाने के लिए कौन सी तारीख सही है।

 

3 मार्च को चंद्र ग्रहण और सूतक काल होने के कारण, होली 4 मार्च को मनाई जाएगी।

होलिका दहन की सही तारीख क्या होगी?

एस्ट्रोलॉजर प्रवीण मिश्रा के अनुसार, इस बार होलिका दहन 2 मार्च, यानी आज करना सही रहेगा। होलिका दहन प्रदोष काल में सबसे शुभ माना जाता है। इसलिए, 2 मार्च, यानी आज शाम 6:22 बजे से 8:53 बजे के बीच होलिका दहन करना सबसे अच्छा रहेगा। चंद्र ग्रहण होने की वजह से 3 मार्च को होलिका दहन करना सही नहीं होगा। रंगों का त्योहार, यानी धुलंडी, 4 मार्च को मनाया जाएगा।

आज भद्रा के बिना होलिका दहन किस शुभ समय पर होगा?

एस्ट्रोलॉजर पंडित वेद प्रकाश मिश्रा के अनुसार, फाल्गुन महीने के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा 2 मार्च को शाम 5:18 बजे शुरू होगी और 3 मार्च को शाम 4:33 बजे तक रहेगी। इस तरह, 2 मार्च को पूर्णिमा होगी, जो पूरी रात रहने वाली पूर्णिमा है। हालांकि, 2 मार्च को शाम 5:18 बजे भद्रा शुरू हो रही है। इसलिए, भद्रा मुख काल को छोड़कर, सुबह 12:50 बजे से 2:02 बजे तक भद्रा पूंछ काल में होलिका जलाना शास्त्रों के हिसाब से सही माना जा रहा है।

क्या 3 मार्च को भी होलिका दहन किया जा सकता है?

असल में, होलिका दहन की तारीख को लेकर दूसरे ज्योतिषियों ने भी अपनी राय दी है। उनमें से हरिद्वार के जाने-माने पंडित मनोज त्रिपाठी ने होलिका दहन की सही तारीख बताई है। उनके मुताबिक, 2 मार्च को प्रदोष काल में पूर्णिमा है और शाम को चांद निकलेगा, लेकिन उस समय भद्रा भी रहेगी, जिसे शुभ नहीं माना जाता है। 3 मार्च को भद्रा तो नहीं है, लेकिन उस दिन प्रदोष काल में पूर्णिमा नहीं होगी, क्योंकि पूर्णिमा तिथि खत्म हो रही है। इसलिए, सभी नियमों को देखते हुए, माना जा रहा है कि 3 मार्च को भद्रा रहित समय में होलिका जलाना ज़्यादा सही रहेगा। हालांकि उस दिन प्रदोष काल नहीं है, लेकिन सुबह पूर्णिमा होने की वजह से शास्त्रों में इसकी इजाज़त है।

होली 4 मार्च को क्यों मनाई जाएगी?

वैसे तो ज्योतिषियों के अनुसार होली होलिका दहन के अगले दिन मनाई जाती है। लेकिन, इस साल साल का पहला चंद्र ग्रहण होलिका दहन के अगले दिन 3 मार्च को लगेगा। 3 मार्च को चंद्र ग्रहण और सूतक काल होने की वजह से उस दिन होली नहीं खेली जा सकेगी। इसलिए, रंगभरी होली 4 मार्च को मनाई जाएगी।

यह चंद्र ग्रहण 3 मार्च को दोपहर 3:21 बजे शुरू होगा और शाम 6:46 बजे तक रहेगा, और भारत में भी दिखाई देगा। 3 मार्च की शाम को लगने वाले इस चंद्र ग्रहण का सूतक काल सुबह 6:20 बजे शुरू होगा और शाम 6:46 बजे तक रहेगा। इसलिए, रंगभरी होली बुधवार, 4 मार्च, 2026 को मनाई जाएगी।

सारांश

3 मार्च को होने वाला यह चंद्र ग्रहण भारत के साथ-साथ पूर्वी एशिया, ऑस्ट्रेलिया, प्रशांत महासागर और अमेरिका में भी दिखाई देगा। इसलिए, पूरे भारत में 4 मार्च, 2026 को होली मनाना सही रहेगा।

  • Tripti Panday

    तृप्ती पान्डेय बीडीएफ न्यूज में सिनीयर डिजिटल कंटेंट राइटर हैं। और पिछले 5 साल से पत्रकारिता कर रहीं है, इन्होंने इससे पहले कई न्यूज पेपर जैसे अमर उजाला, दैनिक जागरण,लोकल वोकल, जैसी प्रमुख न्यूज वेबसाइट्स और ऐप्स में काम किया है। राजनीति की खबरों में इनकी खास पकड़ है।

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