अप्रैल में फरवरी जैसी ठंड: जहाँ आमतौर पर अप्रैल का महीना गर्मियों की शुरुआत और बढ़ती गर्मी के लिए जाना जाता है, वहीं इस साल मौसम ने पूरी तरह से करवट बदल ली है। सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के कारण दिल्ली-NCR समेत पूरे उत्तर भारत में एक बार फिर ठंड लौट आई है। हालात ऐसे हैं कि लोगों को फरवरी जैसी ठंड का एहसास हो रहा है; आसमान में बादल छाए रहने, तेज़ हवाओं और रुक-रुक कर हो रही बारिश ने मौसम को काफी सुहाना बना दिया है।
दिन भर आसमान में बादल छाए रहने, तेज़ हवाओं और रुक-रुक कर हुई बारिश ने मौसम को बेहद खुशनुमा बना दिया है।
दिल्ली-NCR में सुहाना मौसम
दिल्ली-NCR में बुधवार को दिन भर आसमान में बादल छाए रहे, और कई इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार, आज शाम और रात में भी हल्की बारिश की संभावना है। हालाँकि, गुरुवार के बाद पश्चिमी विक्षोभ का असर कम होने की उम्मीद है, जिसके बाद तापमान में तेज़ी से बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। अगले 5-6 दिनों में तापमान लगभग 5 से 6 डिग्री तक बढ़ सकता है, जिससे यह संकेत मिलता है कि ठंड का यह दौर अब ज़्यादा दिनों तक नहीं चलेगा।
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी बर्फबारी जारी है, जिससे तापमान में गिरावट आई है।
इस बीच, उत्तराखंड का मौसम भी लोगों को हैरान कर रहा है। 7 अप्रैल से शुरू हुआ बारिश और बर्फबारी का सिलसिला अभी भी जारी है। देहरादून में लगातार बारिश हो रही है, जबकि यमुनोत्री धाम सहित ऊँचे पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी हो रही है। टिहरी, पौड़ी और पिथौरागढ़ जैसे इलाकों में भी दिन भर हुई बारिश के कारण ठंड बढ़ गई है। मौसम विभाग का कहना है कि मौसम का यह मिजाज अभी कुछ और समय तक बना रह सकता है।

पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता
बद्रीनाथ धाम में, लगातार बर्फबारी के बाद—और अब जब मौसम ने थोड़ी राहत दी है—प्रकृति ने पूरे परिदृश्य को बर्फ की एक सफेद चादर से ढक दिया है। कल बद्रीनाथ धाम में दिन भर बर्फबारी होती रही, जिससे पूरा मंदिर परिसर बर्फ की एक सफेद चादर में लिपट गया। भगवान बद्री विशाल के मंदिर से लेकर पूरे बद्रीनाथ पुरी शहर तक, यह पूरा इलाका इस समय बर्फ की एक सफेद चादर से ढका हुआ नज़र आ रहा है। हिमाचल प्रदेश में भी हालात काफी हद तक ऐसे ही हैं। कुल्लू-मनाली और लाहौल-स्पीति के ऊंचे इलाकों में लगातार बर्फबारी हो रही है, जबकि निचले इलाकों में भारी बारिश के कारण तापमान में भारी गिरावट आई है। मनाली, रोहतांग दर्रा, अटल टनल, कुफरी और नारकंडा जैसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों पर हुई ताज़ा बर्फबारी ने पूरे नज़ारे को बर्फ की सफेद चादर से ढक दिया है।
अप्रैल के महीने में ऐसी ठंड और बर्फबारी ने लोगों को हैरान कर दिया है; हालांकि, पर्यटकों के लिए यह किसी बोनस से कम नहीं है। बर्फबारी के बीच, बड़ी संख्या में पर्यटक इस सुहावने मौसम का लुत्फ़ उठाने के लिए मनाली पहुंच रहे हैं। इस बीच, स्थानीय पर्यटन से जुड़े लोगों को भी उम्मीद है कि यह मौसम उनके लिए एक सफल सीज़न साबित होगा।
निष्कर्ष
हालांकि, मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि ठंड का यह दौर ज़्यादा समय तक नहीं रहेगा। जैसे ही पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) का असर कम होगा, गर्मी का मौसम फिर से लौट आएगा और तापमान में तेज़ी से बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। दूसरे शब्दों में कहें तो, जब तक यह “ठंडा” मौसम बना हुआ है, इसका पूरा-पूरा आनंद उठा लें, क्योंकि गर्मी की तपिश जल्द ही एक बार फिर अपना ज़ोर दिखाने वाली है।






