भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने हिमाचल प्रदेश के स्थानीय निकाय चुनावों में ज़बरदस्त प्रदर्शन किया। 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले हुए इस राजनीतिक ‘सेमीफाइनल’ में BJP ने सत्ताधारी कांग्रेस को करारा झटका दिया। रविवार को घोषित नतीजों के अनुसार, BJP ने कांग्रेस के कब्ज़े से दो बड़े नगर निगम सीट छीन लिए हैं।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली कांग्रेस इस चुनाव में सिर्फ पालमपुर नगर निगम की सीट ही बचा पाई, जबकि बाकी तीन जगहों पर ‘कमल’ (BJP का चुनाव चिह्न) खिला।
यह चुनावी मुकाबला राज्य की राजनीति के लिए बेहद अहम माना जा रहा था। इन चारों नगर निगमों के कुल 63 वार्डों में मतदाताओं ने अपने वोट डाले। अंतिम नतीजों में BJP ने 37 सीटों पर शानदार जीत हासिल की, जबकि कांग्रेस सिर्फ 23 सीटों तक ही सिमट कर रह गई।
इसके अलावा, तीन सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार विजयी रहे। गौरतलब है कि मंडी के बेहना वार्ड में कोई भी उम्मीदवार न होने के कारण मतदान नहीं हो सका।
BJP ने नतीजों को ‘जनमत संग्रह’ बताया
इस शानदार जीत के बाद, BJP के प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल ने सुक्खू सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने इन नतीजों को सरकार की जन-विरोधी नीतियों के खिलाफ जनता का जनमत संग्रह करार दिया। बिंदल ने दावा किया कि राज्य की जनता ने कांग्रेस पार्टी को पूरी तरह से नकार दिया है। खास बात यह है कि मंडी नगर निगम में BJP ने 12 सीटें जीतीं, जबकि कांग्रेस को सिर्फ एक सीट से ही संतोष करना पड़ा।
मंडी के साथ-साथ, BJP ने सोलन और धर्मशाला में भी कांग्रेस को करारी शिकस्त दी। सोलन में मुकाबला कड़ा होने की उम्मीद थी; लेकिन, BJP ने वहां भी सभी को चौंकाते हुए 17 में से 10 सीटें जीत लीं।
धर्मशाला में भी BJP ने 11 वार्डों में बड़ी जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस सोलन में छह सीटें जीतने में कामयाब रही, लेकिन धर्मशाला में उसे सिर्फ़ पाँच सीटें मिलीं। वोटिंग के मामले में पालमपुर सबसे आगे रहा, जहाँ 68.97% वोटिंग हुई। इसके बाद मंडी में 66.78%, धर्मशाला में 60.01% और सोलन में 58.32% वोटिंग हुई।
निष्कर्ष
कांग्रेस के लिए इस पूरे चुनाव में एकमात्र अच्छी बात पालमपुर से सामने आई। वहाँ पार्टी ने 15 में से 11 सीटें जीतकर अपना पुराना दबदबा बनाए रखा, जबकि BJP को चार सीटें मिलीं। इस हार की वजह बताते हुए मुख्यमंत्री के मुख्य मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने कहा कि पार्टी उम्मीदवार के चयन जैसे स्थानीय कारकों की पूरी तरह से समीक्षा करेगी।





