क्या आप भी खाली पेट चाय पीते हैं? आज ही यह आदत बदलें।

बहुत से लोगों के लिए, सुबह उठते ही एक गरमागरम चाय का कप मिल जाना उनके दिन को बना देता है। भारत में ‘बेड टी’ (बिस्तर पर चाय) का चलन बहुत गहरा है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि खाली पेट चाय पीने की यह आदत धीरे-धीरे आपकी किडनी को नुकसान पहुंचा सकती है?

शोध बताते हैं कि जब कैफीन और ऑक्सालेट्स—जो चाय में प्राकृतिक रूप से पाए जाते हैं—खाली पेट शरीर में प्रवेश करते हैं, तो वे डिहाइड्रेशन और किडनी में पथरी जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ा देते हैं; इसी कारण से, खाली पेट चाय पीने की आमतौर पर सलाह नहीं दी जाती है। आइए यह भी देखें कि इस विषय पर मेडिकल रिपोर्ट क्या कहती हैं।

यह किडनी को कैसे प्रभावित करता है?

चाय में ऑक्सालेट्स प्राकृतिक रूप से मौजूद होते हैं। नतीजतन, जब कोई व्यक्ति खाली पेट चाय पीता है, तो ये यौगिक सीधे किडनी तक पहुंचते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, ऑक्सालेट्स… …कैल्शियम के साथ मिलकर क्रिस्टल बनाते हैं, जो बाद में किडनी में पथरी का रूप ले लेते हैं।

इसके अलावा, चाय एक ड्यूरेटिक (diuretic) के रूप में काम करती है—यानी यह एक ऐसा पदार्थ है जो शरीर से पानी को बाहर निकालने में मदद करता है। खाली पेट चाय पीने से डिहाइड्रेशन हो सकता है, जिससे किडनी को खून फिल्टर करने के लिए ज़्यादा मेहनत करनी पड़ती है।

कैफीन और एसिडिटी

Healthline के अनुसार, चाय में मौजूद कैफीन खाली पेट पीने पर ब्लड प्रेशर में अचानक बढ़ोतरी का कारण बन सकता है; समय के साथ, यह किडनी के अंदर की छोटी-छोटी रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचा सकता है। इसके अतिरिक्त, चाय की प्रकृति अम्लीय (acidic) होती है;

खाली पेट इसका सेवन करने से पेट में पित्त रस (bile juices) का संतुलन बिगड़ जाता है, जिससे पाचन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। चाय में पाए जाने वाले टैनिन खाली पेट पीने पर जी मिचलाना और जलन जैसी समस्याएं पैदा कर सकते हैं, जो अप्रत्यक्ष रूप से किडनी के मेटाबॉलिज्म को प्रभावित करता है।

काली चाय बनाम दूध वाली चाय: कौन सी ज़्यादा हानिकारक है?

शोध के अनुसार, यदि आप पहले से ही किडनी की किसी बीमारी (जैसे क्रोनिक किडनी डिजीज या CKD) से पीड़ित हैं, तो आपके चाय पीने का समय अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाता है।

किडनी न्यूट्रिशन इंस्टीट्यूट का सुझाव है कि किडनी के स्वास्थ्य के लिहाज़ से, दूध वाली चाय से जुड़ा जोखिम थोड़ा कम होता है। ऐसा इसलिए है, क्योंकि दूध में मौजूद कैल्शियम, पेट और आंतों के अंदर ही चाय में मौजूद ऑक्सालेट्स के साथ जुड़ जाता है।

Tripti Panday

तृप्ती पान्डेय बीडीएफ न्यूज में सिनीयर डिजिटल कंटेंट राइटर हैं। और पिछले 5 साल से पत्रकारिता कर रहीं है, इन्होंने इससे पहले कई न्यूज पेपर जैसे अमर उजाला, दैनिक जागरण,लोकल वोकल, जैसी प्रमुख न्यूज वेबसाइट्स और ऐप्स में काम किया है। राजनीति की खबरों में इनकी खास पकड़ है।

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