बंगाल: मदरसों में ‘वंदे मातरम’ अनिवार्य; सरकारी कर्मचारियों के लिए भी आदेश जारी… 24 घंटों में शुभेंदु सरकार के 2 बड़े फैसले

बंगाल: पश्चिम बंगाल सरकार ने अब राज्य भर के सभी मदरसों में प्रार्थना के समय ‘वंदे मातरम’ गाना अनिवार्य कर दिया है, इससे पहले इसे स्कूलों में लागू किया गया था। सरकार ने एक आधिकारिक अधिसूचना के माध्यम से यह आदेश जारी किया। यह नियम उन सभी मदरसों पर लागू होता है—चाहे वे सरकारी हों या गैर-सरकारी—जिन्हें सरकार से सहायता मिलती है।

आदेश के अनुसार, मदरसों में मौजूद सभी लोगों को प्रार्थना के समय ‘वंदे मातरम’ गाना होगा। यह सभी मदरसों के लिए अनिवार्य है।

इसके अतिरिक्त, सरकार ने एक और नया आदेश जारी किया है, जिसे विवादास्पद बताया जा रहा है। यह आदेश सीधे तौर पर सरकारी कर्मचारियों की बोलने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को सीमित करता है। इस निर्देश के अनुसार, सरकारी कर्मचारियों को बिना पूर्व अनुमति के मीडिया से बात करने की मनाही है। वे समाचार पत्रों या टीवी चैनलों को साक्षात्कार नहीं दे सकते। बिना अनुमति के प्रकाशन के लिए कुछ भी लिखना भी प्रतिबंधित कर दिया गया है।

सरकारी कर्मचारियों के लिए भी निर्देश

सरकारी कर्मचारियों को केंद्र या राज्य सरकार, दोनों में से किसी की भी नीतियों की आलोचना करने से मना किया गया है। आलोचकों का तर्क है कि यह सरकारी आदेश कर्मचारियों की आवाज़ दबाने के लिए बनाए गए नियम जैसा प्रतीत होता है। इस निर्देश के दायरे में सरकारी स्कूलों और कॉलेजों के शिक्षक और अन्य कर्मचारी भी आते हैं।

लोग इस स्थिति की तुलना 1975 के आपातकाल (Emergency) के दौर से कर रहे हैं। आशंका है कि इस कदम से सेंसरशिप बढ़ेगी और असहमति की आवाज़ों को दबाया जाएगा।

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के कड़े और बड़े फैसले

बंगाल में पहली बार भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार बनी है। मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद से ही, शुभेंदु ने तेज़ी से काम करना शुरू कर दिया है। पिछले कुछ दिनों में, उन्होंने कई बड़े और कड़े फैसले लिए हैं। इनमें प्रशासनिक फेरबदल, कानून-व्यवस्था से जुड़े उपाय, और TMC नेताओं पर लगे अनियमितताओं के आरोपों की जांच से संबंधित फैसले शामिल हैं। ‘अन्नपूर्णा योजना’ को भी मंज़ूरी दे दी गई है।

यह योजना 1 जून से शुरू होने वाली है। बंगाल की महिलाओं को हर महीने ₹3,000 मिलेंगे। CM सुवेंदु ने OBC आरक्षण कोटा 17% से घटाकर 7% कर दिया है। इसके परिणामस्वरूप, अब राज्य के भीतर केवल 66 जातियाँ और समुदाय ही OBC आरक्षण लाभों के लिए पात्र रहेंगे।

पश्चिम बंगाल सरकार ने सिलीगुड़ी कॉरिडोर में 120 एकड़ ज़मीन केंद्र सरकार को सौंप दी है। यह फ़ैसला ‘चिकन नेक’—ज़मीन की एक संकरी पट्टी—के साथ सुरक्षा को मज़बूत करने और सीमा पर बाड़ लगाने व बुनियादी ढाँचे के विकास को आसान बनाने के लिए लिया गया था। यह कॉरिडोर पूर्वोत्तर भारत को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाली एक अहम कड़ी का काम करता है।//

Tripti Panday

तृप्ती पान्डेय बीडीएफ न्यूज में सिनीयर डिजिटल कंटेंट राइटर हैं। और पिछले 5 साल से पत्रकारिता कर रहीं है, इन्होंने इससे पहले कई न्यूज पेपर जैसे अमर उजाला, दैनिक जागरण,लोकल वोकल, जैसी प्रमुख न्यूज वेबसाइट्स और ऐप्स में काम किया है। राजनीति की खबरों में इनकी खास पकड़ है।

Related Posts

प्रह्लाद जोशी बने नए शिक्षा मंत्री, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद हुआ ऐलान

धर्मेंद्र प्रधान के पद छोड़ने के बाद, शिक्षा मंत्रालय का प्रभार अब प्रह्लाद जोशी को सौंपा गया है। राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री की सिफारिश के आधार पर उन्हें यह अतिरिक्त जिम्मेदारी…

एशियन गेम्स 2026: भारत-पाकिस्तान का क्रिकेट मैच सिर्फ़ एक शर्त पर हो सकता है…

एशियन गेम्स 2026, IND vs PAK मैच: जापान के आइची-नागोया में होने वाले एशियन गेम्स 2026 में क्रिकेट टूर्नामेंट का शेड्यूल और ड्रॉ घोषित कर दिया गया है। यह चौथी…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *