दिल्ली विधानसभा में सुरक्षा में सेंध: सोमवार को दोपहर करीब 2:00 बजे दिल्ली विधानसभा परिसर के अंदर एक बड़ी घटना हुई। एक गाड़ी बहुत तेज़ रफ़्तार से आई, विधानसभा के बैरिकेड को तोड़ दिया और सीधे अंदर घुस गई। गाड़ी का ड्राइवर मौके से भागने से पहले परिसर के अंदर एक गुलदस्ता छोड़ गया। संदिग्ध की एक तस्वीर अब सामने आई है—जिसमें वह अपने हाथ में एक गुलदस्ता पकड़े हुए और कंधे पर एक काला बैग टांगे हुए दिख रहा है—और उसे बाद में पकड़ लिया गया है।
आरोपी की पहचान सरबजीत सिंह के रूप में हुई है। इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं, और पुलिस फिलहाल उसके इरादों की जांच कर रही है।
दोपहर करीब 2:00 बजे, एक सफ़ेद रंग की टाटा सिएरा कार दिल्ली विधानसभा के गेट नंबर 2 की ओर बहुत तेज़ रफ़्तार से आई। गाड़ी रुकी नहीं; इसके बजाय, उसने सीधे बैरिकेड में टक्कर मार दी। बैरिकेड गिर गया, और कार परिसर के अंदर घुस गई। मौके पर मौजूद लोगों में अफ़रा-तफ़री मच गई; एक ज़ोरदार धमाके की आवाज़ सुनाई दी, और लोग इधर-उधर भागने लगे।

दिल्ली विधानसभा के स्पीकर को पिछले कुछ दिनों में तीन अलग-अलग मौकों पर ईमेल के ज़रिए धमकियां मिली थीं। दिल्ली पुलिस को इन धमकियों के बारे में विधिवत सूचित किया गया था। अब, सुरक्षा में इस बड़ी सेंध के बाद, सुरक्षा व्यवस्था की प्रभावशीलता को लेकर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं।
आगे क्या हुआ?
कार अंदर गई, स्पीकर की गाड़ी के पास एक गुलदस्ता छोड़ दिया गया, और फिर कार पीछे हटी, एक बार फिर बैरिकेड को तोड़ा, और तेज़ी से मौके से भाग गई। यह पूरी घटना महज़ पांच मिनट के अंदर घटित हुई। जब एक सुरक्षा गार्ड गाड़ी की ओर दौड़ा, तो वह तेज़ी से परिसर से बाहर निकल गई।
गुलदस्ता कहाँ छोड़ा गया था?
सवाल में जिस गुलदस्ते का ज़िक्र है, वह विधानसभा स्पीकर के दफ़्तर के बाहर रखा हुआ मिला। शुरू में, यह साफ़ नहीं था कि गुलदस्ते में क्या हो सकता है। पुलिस ने जांच की; सौभाग्य से, उसके अंदर कोई विस्फोटक उपकरण या संदिग्ध वस्तु—जैसे कि बम—नहीं मिला।
संदिग्ध कौन है?
घटना के लगभग दो घंटे बाद, पुलिस ने संदिग्ध को पकड़ लिया। उसे उसके वाहन के साथ रूपनगर इलाके में गिरफ़्तार किया गया। उसकी पहचान सरबजीत सिंह के रूप में हुई है। यह गाड़ी उत्तर प्रदेश की नंबर प्लेट पर रजिस्टर्ड है।

उनकी जो तस्वीर अब सामने आई है, उसमें वह अपने हाथ में फूलों का गुलदस्ता लिए हुए और कंधे पर एक काला बैग टांगे हुए दिखाई दे रहे हैं। पुलिस बैग के अंदर रखी चीज़ों का पता लगाने और इस पूरी घटना के पीछे उनके मकसद को समझने की कोशिश कर रही है।
इस घटना से उठने वाले मुख्य सवाल
यह घटना कई अहम सवाल खड़े करती है। दिल्ली विधानसभा जैसी कड़ी सुरक्षा वाली जगह में कोई गाड़ी इतनी आसानी से कैसे घुस गई? वहां CRPF के जवान तैनात थे; फिर भी यह सब कैसे हो गया? संदिग्ध का इरादा क्या था? अगर उनका मकसद सिर्फ़ गुलदस्ता देना था, तो अंदर घुसने के लिए गेट तोड़कर अंदर जाने की क्या ज़रूरत थी? पुलिस फ़िलहाल इन सभी सवालों के जवाब ढूंढ रही है, और पूछताछ अभी भी जारी है।






