‘छोटी-मोटी टेक्निकल घटना’: रविवार को खबरें आईं कि इंडियन एयर फ़ोर्स का तेजस लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ़्ट क्रैश हो गया है। बताया गया कि यह क्रैश होने वाला तीसरा तेजस एयरक्राफ़्ट था। हालांकि, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने सोमवार को पूरे मामले पर एक बयान जारी किया। HAL ने कन्फ़र्म किया कि तेजस जेट क्रैश नहीं हुआ। HAL ने यह भी कहा कि तेजस का सेफ़्टी रिकॉर्ड दुनिया के सबसे एडवांस्ड फ़ाइटर एयरक्राफ़्ट में से एक माना जाता है।
Mk1A एयरक्राफ़्ट को तीन बड़े टेस्ट सफल होने के बाद ही सर्विस में शामिल किया जाएगा।
HAL ने कहा कि एयर फ़ोर्स के साथ मिलकर स्टैंडर्ड प्रोसीजर के तहत घटना का एनालिसिस किया जा रहा है। यह एक छोटी-मोटी ज़मीनी टेक्निकल घटना थी। यह सफाई इसलिए ज़रूरी है क्योंकि इंडियन एयर फ़ोर्स ने इस महीने की शुरुआत से अपने तेजस फ़्लीट का टेक्निकल इंस्पेक्शन बढ़ा दिया है, खासकर अपने तीसरे तेजस एयरक्राफ्ट के नुकसान के बाद, जो लैंडिंग के दौरान डैमेज हो गया था लेकिन पायलट को कोई चोट नहीं आई थी। दो और तेजस हादसे मार्च 2024 और नवंबर 2023 में हुए थे।

अब फ़ोकस लंबे समय से रुके हुए Mk1A प्रोग्राम पर है। IAF अप्रैल में तेजस Mk1A को एवैल्यूएट करेगा, जिसके बाद इसे फ्रंटलाइन सर्विस में शामिल करने पर आखिरी फ़ैसला लिया जाएगा।
IAF के कड़े रिव्यू से पहले HAL का स्पष्टीकरण
सूत्रों के मुताबिक, तीन मुख्य क्षमताओं का सर्टिफ़िकेशन ज़रूरी है: हवा से हवा और हवा से ज़मीन पर मिसाइल फायरिंग ट्रायल, रडार और ऑनबोर्ड इलेक्ट्रॉनिक वॉरफ़ेयर सिस्टम का इंटीग्रेशन, और वेपन डिलीवरी सिस्टम का पूरा रिव्यू।
सारांश
HAL ने कहा है कि अब तक पाँच Mk1A एयरक्राफ्ट पूरे हो चुके हैं, लेकिन उन्हें IAF की मंज़ूरी के बाद ही स्क्वाड्रन में शामिल किया जाएगा। अभी, यह प्रोग्राम लगभग दो साल से तय समय से पीछे चल रहा है।






