JEE-NEET Coaching: 12वीं क्लास के बाद इंजीनियरिंग कॉलेजों में एडमिशन के लिए जॉइंट एंट्रेंस टेस्ट (JEE) होता है। मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन के लिए एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) जैसे कॉम्पिटिटिव एग्जाम होते हैं। JEE और NEET देश के बड़े कॉम्पिटिटिव एग्जाम हैं, जिनमें स्टूडेंट्स को कड़ा मुकाबला करना पड़ता है। इसलिए, स्टूडेंट्स JEE और NEET पास करने के लिए कोचिंग का सहारा लेते हैं। इसी बात को ध्यान में रखते हुए, बिहार सरकार ने सरकारी स्कूल के स्टूडेंट्स को JEE और NEET समेत कॉम्पिटिटिव एग्जाम की तैयारी कराने का एक बड़ा फैसला लिया है। इसके लिए हर ब्लॉक में एक मॉडल स्कूल बनाने का फैसला किया गया है।
आइए, पूरे मामले को समझते हैं। जैसे, बिहार सरकार के मॉडल स्कूल कैसे काम करेंगे?
मॉडल स्कूलों में 9वीं क्लास से JEE-NEET कोचिंग
बिहार सरकार ने तीन प्लान के तहत स्कूली स्टूडेंट्स को JEE, NEET, ओलंपियाड और दूसरे कॉम्पिटिटिव एग्जाम की तैयारी कराने का फैसला किया है। बिहार सरकार की योजना है कि मॉडल स्कूलों में 9वीं क्लास से ही स्टूडेंट्स को JEE और NEET एग्जाम की तैयारी कराई जाए। स्टूडेंट्स को अनुभवी टीचर और एक्सपर्ट पढ़ाएंगे, उन्हें रेगुलर टेस्ट सीरीज़, एक मॉडर्न लाइब्रेरी मिलेगी, और डाउट सॉल्यूशन और करियर काउंसलिंग भी दी जाएगी।
इस सेशन में सभी ब्लॉक में खुलेंगे मॉडल स्कूल
बिहार सरकार स्कूली स्टूडेंट्स को JEE और NEET एग्जाम की तैयारी कराने के लिए मॉडल स्कूल शुरू कर रही है। बिहार सरकार की योजना राज्य के सभी 543 ब्लॉक में ये मॉडल स्कूल बनाने की है। 9वीं क्लास से ही स्टूडेंट्स को JEE-NEET की तैयारी कराई जाएगी। ये मॉडल स्कूल इसी सेमेस्टर में खुलेंगे।
मॉडल स्कूलों में एडमिशन
बिहार के सभी ब्लॉक में बनाए जा रहे मॉडल स्कूलों में एडमिशन एक एंट्रेंस एग्जाम के ज़रिए दिया जाएगा। यह एंट्रेंस एग्जाम स्टेट काउंसिल ऑफ़ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग कराएगा। जो स्टूडेंट्स यह एंट्रेंस एग्जाम पास करेंगे, उन्हें उनकी मेरिट के आधार पर मॉडल स्कूलों में एडमिशन दिया जाएगा। उन्हें JEE-NEET और दूसरे कॉम्पिटिटिव एग्जाम के लिए ट्रेनिंग दी जाएगी।
बिहार सरकार ने स्कूली स्टूडेंट्स को JEE और NEET जैसे कॉम्पिटिटिव एग्जाम के लिए तैयार करने का फैसला किया है। इसके लिए राज्य के हर ब्लॉक में एक मॉडल स्कूल बनाया जाएगा।






