उत्तर प्रदेश के कई जिलों में लगातार भारी बारिश के कारण जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दक्षिण-पूर्वी यूपी के ऊपर बने डिप्रेशन के कारण अगले 24 घंटों में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान लगाया है। पिछले 48 घंटों में बारिश के कारण 15 लोगों की मौत हो गई है।
लगातार बारिश ने उत्तर प्रदेश के कई जिलों में स्थिति खराब कर दी है। कई इलाकों में जलभराव की खबर है और तेज हवाओं के साथ भारी बारिश के कारण पेड़ और मिट्टी के घर गिर गए हैं। इस बीच, IMD ने आने वाले घंटों के लिए मौसम का नया पूर्वानुमान जारी किया है।
IMD के अनुसार, दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर बना डिप्रेशन उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ रहा है। यह पिछले छह घंटों में लगभग 12 किमी प्रति घंटे की गति से आगे बढ़ा है। 26 सितंबर को रात 11:30 बजे तक, यह सिस्टम उसी क्षेत्र में मौजूद था।
मौसम विभाग का कहना है कि यह सिस्टम उत्तर-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ना जारी रखेगा और पूर्वी उत्तर प्रदेश से होकर गुजरेगा। अगले छह घंटों में इसके धीरे-धीरे कमजोर होने की संभावना है, जिसके बाद यह उसी क्षेत्र में एक ‘वेल-मार्क्ड लो-प्रेशर एरिया’ (स्पष्ट कम दबाव वाले क्षेत्र) में बदल सकता है। IMD लगातार इस सिस्टम पर नज़र रख रहा है, जिसमें लखनऊ में लगे डॉप्लर वेदर रडार से मिली जानकारी भी शामिल है।
कई जिलों के लिए भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान लगाया है। पूर्वी यूपी में बारिश का असर काफी ज्यादा होने की उम्मीद है, और कुछ इलाकों में बहुत भारी बारिश हो सकती है। मध्य तराई क्षेत्र के कुछ इलाकों में बहुत अधिक बारिश होने की भी आशंका है। अगले 24 घंटों में मध्य और तराई उत्तर प्रदेश के कुछ जलग्रहण क्षेत्रों (कैचमेंट एरिया) में अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) का कम से मध्यम जोखिम भी बताया गया है।
रविवार को भी राज्य के कई हिस्सों में बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। शनिवार को यूपी के 63 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई; असल में, राज्य में पिछले 24 घंटों में सामान्य से लगभग 19 गुना ज़्यादा बारिश हुई है। कई इलाकों में तेज़ हवाओं के साथ बारिश हुई।
लखनऊ में शनिवार सुबह तक के 21 घंटों में 125.8 मिमी बारिश दर्ज की गई। फतेहगढ़ में 224 मिमी और बांदा में 227.6 मिमी बारिश हुई। बहराइच के नानपारा में 217 मिमी बारिश दर्ज की गई। हरदोई में 214 मिमी और कन्नौज में 204 मिमी बारिश हुई।
लगातार बारिश की वजह से कई शहरों में जलभराव हो गया है। मुरादाबाद के कई इलाके पानी में डूबे हुए हैं और ज़िला पशु चिकित्सालय में भी बारिश का पानी घुस गया है। बारिश और तेज़ हवाओं के कारण कई जगहों पर पेड़ गिर गए और मिट्टी के घरों की दीवारें भी ढह गईं। शनिवार को राज्य भर में बारिश से जुड़ी घटनाओं में 10 लोगों की मौत हो गई और 17 लोग घायल हो गए।
बारिश और तेज़ हवाओं से 117 घरों को नुकसान पहुँचा है और कई जगहों पर फसलों को भी नुकसान हुआ है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
बलिया, गाज़ीपुर और गोरखपुर समेत कई ज़िलों के लिए अलर्ट जारी
मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखते हुए कई ज़िलों के प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है। आज़मगढ़, बलिया, गाज़ीपुर, गोरखपुर, बस्ती, सुल्तानपुर, अयोध्या, गोंडा, हरदोई, लखनऊ, उन्नाव, रायबरेली, बाराबंकी, अमेठी, कौशाम्बी और चित्रकूट जैसे ज़िलों में अचानक बाढ़ (flash floods) की संभावना को देखते हुए स्थिति पर नज़र रखने के निर्देश दिए गए हैं।
नेपाल में भारी बारिश को देखते हुए सीमावर्ती ज़िलों में कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। पूर्वी उत्तर प्रदेश की नदियों में जलस्तर बढ़ने की संभावना के कारण प्रशासन को अलर्ट रहने का निर्देश दिया गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बारिश और बाढ़ से प्रभावित लोगों को तुरंत राहत देने का आदेश दिया है। उन्होंने निर्देश दिया है कि किसी भी तरह के जान-माल या पशुधन के नुकसान के लिए नियमों के अनुसार मुआवज़ा दिया जाए। जिन परिवारों के घर बारिश के कारण ढह गए हैं, उन्हें तुरंत मदद पहुँचाने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।


