लखनऊ के आशियाना इलाके में उस समय सनसनी फैल गई जब सेक्टर L के मकान नंबर 91 में एक अधेड़ उम्र के आदमी की लाश नीले ड्रम के अंदर मिली। मरने वाले की पहचान वर्धमान पैथोलॉजी के मालिक मानवेंद्र सिंह के तौर पर हुई है। 20 फरवरी से लापता मानवेंद्र की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी, लेकिन किसी ने सोचा नहीं था कि तलाश का अंत इतनी डरावनी सच्चाई के साथ होगा। पुलिस के मुताबिक, लाश के सिर और पैरों पर गंभीर चोटों के निशान थे, जिससे हत्या का शक पैदा हो रहा है। शुरुआती जांच में चौंकाने वाला एंगल सामने आया है। मामले में मृतक के बेटे, जो B.Com का स्टूडेंट है, से पूछताछ की जा रही है और शक पूरी तरह उसी पर है। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि बेटा अपने पिता की डांट से नाराज़ था।
पुलिस मृतक के B.Com स्टूडेंट बेटे से पूछताछ कर रही है और उसे हिरासत में ले रही है। घटना के समय उनकी पत्नी गांव में और बेटी घर पर थी। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
पत्नी गांव में, बेटी घर पर मौजूद
घटना के समय मानवेंद्र की पत्नी गांव में थी, जबकि उनकी बेटी घर पर मौजूद थी। इससे सवाल उठ रहे हैं कि घर के अंदर क्या हुआ। क्या यह अचानक हुई कहासुनी थी या कोई सोची-समझी साजिश थी? पुलिस हत्या के पीछे का असली मकसद पता लगाने के लिए पड़ोसियों और रिश्तेदारों से भी पूछताछ कर रही है।
लखनऊ के आशियाना इलाके में हुई इस घटना ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है। पुलिस ने बॉडी को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और फोरेंसिक टीम सबूत इकट्ठा कर रही है। फिलहाल, हत्या का मकसद साफ नहीं है।






