त्योहार स्पेशल ट्रेनों की लिस्ट: दिवाली और छठ पूजा के लिए घर जाने की योजना बना रहे यात्रियों को निराशा हुई क्योंकि बुकिंग शुरू होते ही सीटें तेज़ी से भर गईं। अभी, देश भर के अलग-अलग शहरों से उत्तर प्रदेश और बिहार आने वाली रेगुलर ट्रेनों का टिकट स्टेटस ‘रिग्रेट’ दिखा रहा है, जबकि कुछ ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट इतनी लंबी है कि कन्फर्म होने की संभावना लगभग न के बराबर है। नतीजतन, यात्रियों के लिए रेलवे की स्पेशल ट्रेनें एक अच्छा विकल्प बनकर उभरी हैं।
इस साल दिवाली 8 नवंबर को है और छठ पूजा 13 से 16 नवंबर के बीच है। त्योहारों की भीड़ को देखते हुए, रेलवे ने त्योहार स्पेशल ट्रेनों के लिए 1,000 से ज़्यादा फेरों की घोषणा की है। ये सेवाएँ अलग-अलग रेलवे ज़ोन द्वारा 1 अक्टूबर से 30 नवंबर, 2026 के बीच चलाई जाएँगी और उन रूटों को कवर करेंगी जहाँ यात्रियों की भारी भीड़ होने की उम्मीद है। इस पहल का मकसद उन यात्रियों को अतिरिक्त विकल्प देना है जो त्योहारों के मौसम में रेगुलर ट्रेनों में कन्फर्म टिकट नहीं पा सके।
13 रेलवे ज़ोन में चलेंगी स्पेशल ट्रेनें
रेलवे के अनुसार, इस योजना में 43 जोड़ी ट्रेनें और 1,053 फेरे शामिल हैं। ये सेवाएँ अलग-अलग रेलवे ज़ोन द्वारा चलाई जाएँगी। जहाँ कुछ ट्रेनें पूरी अवधि के दौरान चलेंगी, वहीं कुछ हफ़्ते में एक या दो बार चलेंगी। ये स्पेशल ट्रेनें कोलकाता, प्रयागराज, कानपुर सेंट्रल, नई दिल्ली और पलवल जैसे प्रमुख शहरों के बीच कनेक्टिविटी प्रदान करेंगी। इसके अलावा, इस नेटवर्क में आनंद विहार टर्मिनल, वीरांगना लक्ष्मीबाई झाँसी, हज़रत निज़ामुद्दीन, ग्वालियर और दादरी जैसे स्टेशनों को जोड़ने वाली ट्रेनें भी शामिल हैं। पुणे, हडपसर, खजुराहो, तिरुचनूर और आगरा कैंटोनमेंट जाने वाले रूट भी रेलवे की लिस्ट में शामिल हैं।
सबसे ज़्यादा स्पेशल ट्रेनों वाले रूट
वेस्टर्न रेलवे 13 जोड़ी स्पेशल ट्रेनें चलाएगा, जबकि नॉर्दर्न रेलवे 10 जोड़ी ट्रेनें चलाएगा। नॉर्दर्न रेलवे की बात करें तो, ट्रेन नंबर 02417 प्रयागराज जंक्शन और दिल्ली के शकूरबस्ती स्टेशन के बीच 1 अक्टूबर से 14 अक्टूबर तक रोज़ चलेगी। इसके बाद, 15 अक्टूबर से 14 दिसंबर तक यह सोमवार, रविवार, गुरुवार और शुक्रवार को चलेगी। इसकी वापसी सेवा, ट्रेन 02418 भी इस दौरान अलग-अलग तारीखों पर चलेगी। कानपुर सेंट्रल और नई दिल्ली के बीच ट्रेन 02455 (जाने वाली) और 02456 (वापसी) 2 अक्टूबर से 30 नवंबर तक सोमवार, बुधवार, शुक्रवार और शनिवार को चलेंगी। वहीं, आगरा कैंट और पलवल के बीच ट्रेन 01941 (जाने वाली) और 01942 (वापसी) 1 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक रोज़ चलेंगी।
ईस्टर्न रेलवे रूट पर विकल्प
ईस्टर्न रेलवे की लिस्ट में आगरा कैंट और कोलकाता को जोड़ने वाली ट्रेन 01911 (जाने वाली) और 01912 (वापसी) शामिल हैं; हर दिशा में 9 ट्रिप तय की गई हैं। कानपुर सेंट्रल-कोलकाता रूट के लिए ट्रेन 04157 (जाने वाली) और 04158 (वापसी) लिस्ट में हैं, जिनमें हर दिशा में 8 ट्रिप तय हैं। वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी और आसनसोल को जोड़ने वाली ट्रेन 04185 (जाने वाली) और 04186 (वापसी) हफ़्ते में दो दिन चलेंगी, और हर दिशा में 16 ट्रिप तय की गई हैं।
दूसरे रेलवे ज़ोन में भी कई विकल्प
सदर्न रेलवे की लिस्ट में कानपुर सेंट्रल और मदुरै के बीच ट्रेन 01925 के लिए 8 ट्रिप और प्रयागराज जंक्शन और कन्याकुमारी के बीच ट्रेन 04171 के लिए 2 ट्रिप शामिल हैं। साउथ वेस्टर्न रेलवे प्रयागराज जंक्शन और हुबली, कानपुर सेंट्रल और सर एम. विश्वेश्वरैया टर्मिनल बेंगलुरु, सूबेदारगंज और यशवंतपुर, और प्रयागराज जंक्शन और यशवंतपुर के बीच स्पेशल ट्रेनें चला रहा है। नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे ने ट्रेन 04127 (कानपुर सेंट्रल से गुवाहाटी) और इसकी वापसी सेवा, 04128 के लिए 9-9 ट्रिप तय की हैं।
भीड़ के आधार पर और ट्रेनें जोड़ी जा सकती हैं
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यात्रियों की मांग और वेटिंग लिस्ट पर लगातार नज़र रखी जा रही है। टिकट बुकिंग के ट्रेंड और अलग-अलग प्लेटफॉर्म से मिली मांग की जानकारी के आधार पर, ज़रूरत पड़ने पर और स्पेशल ट्रेनें चलाने की योजना बनाई जा सकती है। स्टेशनों पर भीड़ को संभालने के लिए अतिरिक्त कमर्शियल और RPF स्टाफ तैनात किया जा रहा है, और सफाई पर खास ध्यान दिया जा रहा है।
अगर आपको टिकट नहीं मिला, तो इन विकल्पों पर विचार करें
अगर आप दिवाली या छठ पूजा के लिए घर जाने की योजना बना रहे हैं लेकिन रेगुलर ट्रेनों में टिकट नहीं मिल पा रहा है, तो सिर्फ़ वेटिंग लिस्ट पर निर्भर रहने के बजाय इन स्पेशल ट्रेनों में सीट देखना एक अच्छा विकल्प हो सकता है। जिन यात्रियों के रूट पर रेगुलर ट्रेनों में ‘रिग्रेट’ (Regret) स्टेटस या बहुत लंबी वेटिंग लिस्ट दिख रही है, उन्हें अपने स्टेशनों से चलने वाली स्पेशल ट्रेनों की लिस्ट ज़रूर देखनी चाहिए।





